अनुशासन के नियम
सेंट मेरी हिन्दी स्कूल, जमशेदपुर एक सह-शैक्षणिक संस्था है। संस्था के नियमों एवं मर्यादाओं का अनुपालन करते हुए संस्था की गरिमा में उत्तरोत्तर वृद्धि विद्यार्थियों का परम कर्त्तव्य है ।
(1) उपस्थिति में नियमितता, कार्य में कर्मठता, कुशाग्रता एवं समय बद्धता, पोशाक में स्वच्छता एवं व्यवहार में शालीनता आवश्यक है ।
(2) पाठ्य-पुस्तक के अतिरिक्त कोई भी पुस्तक, पत्रिका, समाचार पत्र, तस्वीरें (व्यक्तिगत या सामूहिक ) बिना प्रधानाध्यापिका की पूर्वानुमति के विद्यालय में लाना सर्वथा वर्जित है। कोई भी व्यक्तिगत पत्र विद्यालय के अधिकारी द्वारा जाँच की जा सकती है।
(3) विद्यार्थी प्रधानाध्यापिका की अनुमति के बिना विद्यालय की कार्य अवधि एवं अन्तराल के मध्य परिसर के बाहर नहीं जा सकते हैं।
( 4 ) विद्यार्थियों को निम्न कार्यों की अनुमति नहीं है।
- चन्दा इकट्ठा करना ।
- विद्यालय के किसी भी शिक्षक अथवा कर्मचारी को उपहार देना ।
- पिकनिक, देशाटन, खेलकूद, मेला अथवा उत्सव का आयोजन ( बिना अनुमति ) ।
- बिना अनुमति माता-पिता के साथ कार्यअवधि के समय विद्यालय परिसर छोड़ना ।
(5) विद्यार्थी अपनी चीजों के प्रति सावधान रहें। कोई वस्तु या पैसा अगर खो जाता है, तो उसके लिए विद्यालय उत्तरदायी नहीं होगा । कोई विशिष्ट कारण के बिना माता-पिता बच्चों को कोई बहुमूल्य वस्तु या रूपये-पैसे नहीं दें।
( 6 ) विद्यालय कार्यअवधि के बाद बच्चों के प्रति विद्यालय अधिकारी की कोई जवाबदेही या जिम्मेदारी नहीं है ।
( 7 ) विद्यालय के द्वारा आवागमन के साधन का प्रबन्ध नहीं किया जायेगा और विद्यालय इस हेतु जिम्मेदार नहीं है ।
( 8 ) माता-पिता से अनुरोध किया जाता है कि वे सम्यक ध्यान दें कि उनके बच्चें अपने पाठ पूरा करते हैं और विद्यालय के कार्यशीलन भाग लेते हैं।
(9) माता-पिता को सूचित किया जाता है कि वे सम्पर्क - पत्र में शिक्षकों द्वारा प्रेषित आकस्मिक सूचना एवं प्रशंसा पत्र अवश्य देखें एवं प्रमाण स्वरूप हस्ताक्षर करें ।
( 10 ) प्रत्येक इकाई, त्रैमासिक, अर्द्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षा का प्रगति - पत्र जो विद्यार्थियों की प्रगति, उनकें अनुशासन एवं — व्यवहार से सम्बन्धित है - अवश्य देखें और उनकी प्रगति के लिए आवश्यक कदम उठायें |
(11) प्रधानाध्यापिका के माध्यम से ही शिक्षक / शिक्षिका तक कोई सूचना अथवा शिकायत प्रेषित करें।
( 12 ) माता-पिता व अभिभावक को प्रधानाध्यापिका की पूर्वानुमति एवं निर्धारित समय के बिना विद्यालय कार्यावधि में कक्षा में प्रवेश अथवा शिक्षक / शिक्षिका से मिलना वर्जित है ।
( 13 ) सभी कार्यशीलन एवं बाह्य कार्यक्रमों में विद्यार्थियों का सम्मिलित आवश्यक है | विद्यालय उनकी सुरक्षा के प्रति सचेत रहता है, किन्तु कभी - कभी कोई दुर्घटना घटती है, विद्यालय इसके लिए जिम्मेवार नहीं है ।
(14) स्वतंत्र शिक्षण प्रधानाध्यापिका की अनुमति के पश्चात् ही विद्यालय शिक्षक से प्राप्त करें ।
(15) कक्षा के अन्दर या बाहर खाद्य पदार्थ या कोई वस्तु नहीं फेंकें।
( 16 ) विद्यार्थियों की लगातार असंतोषप्रद प्रगति, अशालीन एवं
हानिप्रद व्यवहार एवं माता-पिता /अभिभावक के अपने बच्चों की प्रगति के प्रति उदासीनता विद्यालय अधिकारी को अनुशासनिक कदम के लिए बाध्य करता है उन्हें ऐसे विद्यार्थियों को विद्यालय से निष्कासित करने का अधिकार है।
( 17 ) i) प्रत्येक विद्यार्थी को विद्यालय - डायरी एवं विद्यालय - संगीत पुस्तक प्रत्येक दिन लेकर आना अनिवार्य है । विद्यालय में बिना विद्यालय डायरी के आये विद्यार्थी को दण्ड के रूप में 50 रु. देना अनिवार्य है |
ii) विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं विद्यालय पोशाक पहन कर आना आवश्यक है। बिना विद्यालय पोशाक के कक्षा में प्रवेश अथवा क्रियाशीलन में शामिल होना वर्जित है ।
iii) विद्यालय परिसर में शोर-गुल, अशोभनीय आवाज या अनावश्यक दौड़-धूप पूर्णतः वर्जित है ।
विद्यालय परिसद में अपशब्द का प्रयोग न करें एवं मर्यादित भाषा का प्रयोग करें।
कहीं भी या किसी पर कोई वस्तु फेंकना पूर्णतः निषेध है ।
iv) विद्यालय परिसद में गाली-गलौज, मार-पीट, अभद्र व्यवहार एवं बाहरी व्यक्ति को इस सब में शामिल करना दण्डनीय है एवं संबंधित छात्र / छात्राओं को निलंबित किया जा सकता है।
v) विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय सामग्री की हानि, तोड़-फोड़ अथवा नष्ट होने पर व्यक्तिगत एवं सामूहिक दण्ड के भागीदार बनेंगे । मोबाईल, आईपॉड एवं कोई भी इलेक्ट्रोनिक उपकरण, तेज या धारदार उपकरण पूर्णतः निषेध है । यदि पकड़े गये तो उन्हें रु० 500 दण्ड चुकाना पड़ेगा ।
vi) साईकिल तालाबंद रखें एवं परिसर में साईकिल पर न घूमें।
vii) विद्यालय की पहचान विद्यार्थियों की मर्यादा एवं व्यवहार पर निर्भर है ।
विद्यार्थी अपने नम्र एवं मृदुल व्यवहार का परिचय दें।
जहाँ कहीं वे अपने सिस्टर्स, शिक्षक/शिक्षिकाओं से मिलें, उन्हें अभिवादन करें |
अपशब्द या अशालीन व्यवहार दण्डनीय है ।
viii) अध्ययन में असंतोषप्रद प्रगति एवं अशोभनीय तथा मर्यादारहित व्यवहार के कारण विद्यार्थी को विद्यालय से हटाया जा सकता है ।
xi) विद्यार्थियों से उम्मीद की जाती है कि वे शालीन बनें ।
अनावश्यक केश विन्यास, चित्रपटीय दाढ़ी एवं मूँछें अशोभनीय है, इसलिए इसकी अनुमति नहीं है।
यदि विद्यार्थी के द्वारा Hair Style किया जाता है तो दण्ड के रूप में 500 रु. और वार्षिक परीक्षा में सभी विषयों से 20 अंक काट लिया जाएगा ।
x) विद्यालय में विद्यालय पोशाक अति आवश्यक हैं चप्पल एवं स्लीपर वर्जित है ।
शौचालय एवं पेय जल स्थान की स्वच्छता अपरिहार्य है । प्रार्थना सभा में नियम समय पर उपस्थिति पूर्णतः आवश्यक है ।
xi) बीमारी की वजह से अनुपस्थित होने पर विद्यार्थी चिकित्सा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करें तथा किसी अन्य अपरिहार्य कारण से अनुपस्थित होने पर विद्यालय आने पर वर्ग - शिक्षिका एवं प्राचार्या से हस्ताक्षरित अपना नियमित दस्तावेज प्राप्त करें ।
प्रत्येक विद्यार्थी नये सत्र के शुभारंभ होने पर तथा ग्रीष्मावकाश, क्रिसमस, ईस्टर और दुर्गा-पूजा की छुट्टियों के उपरांत पुनः विद्यालय के खुलने पर अवश्य उपस्थित हों ।
xii) किसी संक्रायक बीमारी से ग्रसित होने की वजह से अनुपस्थित होने पर विद्यार्थी चिकित्सा प्रमाण-पत्र
प्रस्तुत करें।
अध्ययन में तन्मयता, कार्यशीलन में सहभागिता, व्यवहार में कुशलता एवं शालीनता, चरित्र की पवित्रता, अनुशासन की प्रतिबद्धता एवं नियमों तथा मर्यादाओं का अनुपालन विद्यार्थियों की प्रगति एवं सफलता के आधारभूत स्तम्भ हैं ।
