विद्यालय का विवरण
संत मेरीस हिन्दी विद्यालय एक ख्रीस्तीय अल्पसंख्यक विद्यालय है इस विद्यालय की स्थापना 2 जनवरी 1954 ई. में हुई थी। यह विद्यालय जमशेदपुर के रोमन कैथोलिक धर्माध्यक्ष के धार्मिक क्षेत्राधिकार के अधीन है एवं अपोस्टोलिक कार्मेल की धर्म-बहनों द्वारा निगरानी की जाती है। इसकी शुरूआत एक प्राथमिक विद्यालय के रूप में स्व. फादर सी. दौर्त ये. स. के द्वारा हुई थी । विद्यालय का मुख्य उद्देश्य, सारे काथलिक सम्प्रदाय को शिक्षित बनाना एवं अपने उद्देश्य को जहाँ तक संभव हो सके, अल्प सम्प्रदायों तक फैलाना | विद्यालय अकादमी, श्रेष्ठता, सर्वांगीण विकास एवं चारित्रिक विकास के लिए स्थित है। ईश्वर एवं देश के समक्ष वचनबद्ध होते हुए नागरिकों का सर्वांगीण विकास करना ही इस विद्यालय का मुख्य उद्देश्य है ।
विद्यालय का आदर्श
"सत्येन प्रज्ञा लभ्यते "
“पवित्रता एवं सत्य से बुद्धि विकसित करना" हर एक, संत मेरीस के बालक-बालिकाओं को उसी आदर्श का अनुकरण करना है । शांति, प्रकाश, प्रेम और न्याय द्वारा प्रज्ज्वलित आदर्श पूर्ति हेतु विद्यार्थियों को सत्य की ओर अग्रसित किया जाता है। जिसके लिए ज्ञान अर्जन आवश्यक है । पढ़ने- खेलने एवं मनोरंजन के समय ईश्वर की महिमा याद करते हुए आयुग्मित प्रवृति को अपनाना ही पवित्रता है।
